संदेश

अनुभूतियां

मानव अनुभूतियों के अपने विचित्र समागम होते है। कोई भी अनुभूति स्वभाव में हमेशा के लिए नही रहती। उसका जैवरासायनिक अस्तित्व मनुष्य के रक्त में स्त्रावित सम्बंधित हार्मो...

मार्को पोलो

मार्को पोलो 13 वी सदी के उत्तरार्द्ध में एशिया घूम के आया था। उसने अपने जेल के साथी को बताया था कि हिंदुस्तान पूर्व में स्थित है। यूरोप के लिए दो सदियों तक एशिया को जानने का एकमात्र जरिया मार्को द्वारा लिखी किताब "the book of sir marko" रही। तब पूर्व को लेकर यूरोप में बहुत सी भ्रांतियां प्रचलित थी। जैसे सोने की नदियां बहने व जॉन नामक पूर्वी ईसाई राजा जिसके पास अकूत सोना था। 15 वी सदी के मध्य तक तुर्को ने कस्तून्तुनिया पर अधिकार कर लिया था और यूरोप का पूर्वी दुनिया से होने वाला स्थलमार्ग व्यापार पूरी तरह से या तो बन्द हो चुका था या तुर्को के रहमोकरम पर निर्भर। वेनिस के बाजारों में चीजो के दाम आसमान छूने लगे थे। पूर्व से चीजो का आवागमन बन्द होना यूरोप की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने जैसा था।  ग़रीबी और दरिद्रता के साथ आये प्लेग ने  यूरोप के आर्थिक बौनेपन को और कमजोर कर दिया। यह वो समय था जब भारत, चीन और फारस की GDP पूरी दुनिया की GDP का 80% थी और एशिया को लगता था कि दुनिया उनके चक्कर लगाती है। लेकिन स्थितियां बहुत तेजी से बदल रही थी। स्थापित साम्राज्य कमजोर पड़ रहे थे और नई शक्तिय...

टैरियन लेनिस्टर

बहुत प्रचलित और लोकप्रिय टीवी सीरीज "Game  Of Throne" की कहानी के किरदारों  की अपनी कई कहानियां है। उनमें लेनिस्टर घराने के छोटे बेटे और कद से बौने  " टाइरियन लेनिस्टर" वो किरदार है जो दु...

रात की गहरी घड़ियां

रात की गहरी घड़ियों में धरती सांस लेती है। किसी ने सुना है उसके सीने से आती सांसों की आवाजों को वो जख्म सीती है अपने रात भर ताकि नई जख्मो के लिए तैयार हो सके नई सुबह

बेवक्त सब जिते है।

वक्त के साथ कोई नही ज़िता, बेवक्त सब जिते है। ख्याल सवा उम्र तक जिते है , रिश्ते पूण तक छलावे जिंदगी भर जी जाते है, और साये रात तक वफ़ादारियाँ कीमतों से ज़िती है और भरोसे धोखे तक मो...

सेपियंस

'युवाल नोआ हरारी'  की किताब  "सेपियंस"  में मनुष्य की साझी कल्पना के बारे में बताया गया है की कैसे कुछ मिथकों में साझा विश्वास करने की वजह से लाखों अपरिचित मनुष्य भी एक साथ सहय...

आरम्भिक मनुष्य

मामूली घास के दानों के मोह में मनुष्य ने अपनी प्राकृतिक आज़ादी से खुशी-खुशी समझौता कर लिया था। पहले मैदानों में खेत बने फिर उनके इर्दगिर्द छोटी मानवीय बस्तियां, फिर सामूहि...