कुछ यूं ही
अंतर्मन के द्वंद्व कहाँ नही होते ? हर मन उलझनों से शोषित है। हर चेतना द्वैत से अभिशिप्त। किसी को वो नही चाहिये जो है । सबको उसी की चाह है जो नही है। तुलनात्मकता जीवन के सुख- दुः...
तलाश एक शब्द नही, तलाश एक नजर है। तलाश एक क्षण नही , तलाश मुझको हर पल है। क्योंकि जीवन पूर्णता नही है, जीवन निपूर्णता भी नही है। जीवन एक सफ़र है जिसे आप तय कर रहे होते है। साबिर का एक शेर है कि "सभी मुसाफ़िर चलें अगर एक रुख़ तो क्या है मज़ा सफ़र का , तुम अपने इम्काँ तलाश कर लो मुझे परिंदे पुकारते हैं। - Ishwar Gurjar Email- ishwargurjar9680@gmail.com