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मार्च, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रात की गहरी घड़ियां

रात की गहरी घड़ियों में धरती सांस लेती है। किसी ने सुना है उसके सीने से आती सांसों की आवाजों को वो जख्म सीती है अपने रात भर ताकि नई जख्मो के लिए तैयार हो सके नई सुबह

बेवक्त सब जिते है।

वक्त के साथ कोई नही ज़िता, बेवक्त सब जिते है। ख्याल सवा उम्र तक जिते है , रिश्ते पूण तक छलावे जिंदगी भर जी जाते है, और साये रात तक वफ़ादारियाँ कीमतों से ज़िती है और भरोसे धोखे तक मो...

सेपियंस

'युवाल नोआ हरारी'  की किताब  "सेपियंस"  में मनुष्य की साझी कल्पना के बारे में बताया गया है की कैसे कुछ मिथकों में साझा विश्वास करने की वजह से लाखों अपरिचित मनुष्य भी एक साथ सहय...

आरम्भिक मनुष्य

मामूली घास के दानों के मोह में मनुष्य ने अपनी प्राकृतिक आज़ादी से खुशी-खुशी समझौता कर लिया था। पहले मैदानों में खेत बने फिर उनके इर्दगिर्द छोटी मानवीय बस्तियां, फिर सामूहि...