बारिशें
पेड़ो पर पत्तें आए कई वर्ष बीत गये, अब तो ठूंठ भी सूखकर गिर गए। हरियाली आँखों को सालों से नसीब नहीं हुई। लुप्त हो चुके गिद्धों के झुंड जाने कहाँ से फिर लौट आए। नीयति ने उनके दिन...
तलाश एक शब्द नही, तलाश एक नजर है। तलाश एक क्षण नही , तलाश मुझको हर पल है। क्योंकि जीवन पूर्णता नही है, जीवन निपूर्णता भी नही है। जीवन एक सफ़र है जिसे आप तय कर रहे होते है। साबिर का एक शेर है कि "सभी मुसाफ़िर चलें अगर एक रुख़ तो क्या है मज़ा सफ़र का , तुम अपने इम्काँ तलाश कर लो मुझे परिंदे पुकारते हैं। - Ishwar Gurjar Email- ishwargurjar9680@gmail.com