एक याद किस्सा, शान्ति लाल गुप्ता जी
एक याद किस्सा -" डॉ.शांतीलाल गुप्ता " - दीवाली के एक दिन पहले जयपुर से घर जाने के लिए निकला। सिंधी कैंप से पाँच रूपये की एक कटिंग चाय खरीद कर रोडवेज बस की सीट पर बैठा ह...
तलाश एक शब्द नही, तलाश एक नजर है। तलाश एक क्षण नही , तलाश मुझको हर पल है। क्योंकि जीवन पूर्णता नही है, जीवन निपूर्णता भी नही है। जीवन एक सफ़र है जिसे आप तय कर रहे होते है। साबिर का एक शेर है कि "सभी मुसाफ़िर चलें अगर एक रुख़ तो क्या है मज़ा सफ़र का , तुम अपने इम्काँ तलाश कर लो मुझे परिंदे पुकारते हैं। - Ishwar Gurjar Email- ishwargurjar9680@gmail.com